धर्म संसद में मंच से संतों की हुंकार,या तो वफ्फ बोर्ड खत्म या फिर बनेगा सनानत बोर्ड,
सनातन बोर्ड का नाम सुनते ही कटटर पंथियों के छूटे पसीने,अंदर खाने चचार्एं तेज
आचार्य देवकीनंदन का ऐलान सुन ,हिन्दुस्तान छोड़ पाकिस्तान तक चचार्ओं का बाजार गर्म
मिशन योगी के बंटोगे तो कटोगे के पद चिन्हों पर चले नेता,अभिनेता और सनातनी संत
दिल्ली की धर्मसंसद में सनातन बोर्ड बनाने की मांग उठी, इसमें तीन प्रमुख मांगों निकल कर सामने आई हैं
सनातन बोर्ड से पहले ये सोचने वाली बात हैं क्या सीएम योगी का नारा आगरा की धरती से शुरू हुआ “बंटोगे तो कटोगे” अब हिन्दुओं के फौज तैयार करने में जुटा हैं,
इसक अंदाजा आप खुद इस बात से लगा पिछले 3 महीने में सीएम योगी का नारा इतना ट्रेंड हुआ हैं जिसका किसी के पास जबाब नहीं हैं, इस नारे का तोड़ निकालने के लिये समाजवादी पार्टी ने अपने सारे दुरन्धरों को मैदान में उतार दिया,लेकिन नारे का तोड़ प्रॉपर तरीके से नहीं निकाल पाए
इस नारे ने इतना जोर पकड़ा की बुलडोजर कार्यवाही भी फीकी पड़ गई,
भारत के बाहर पकिस्तान हो या हो बांग्लादेश हिन्दुओं की दसा किसी से छुपी नहीं हैं,हिन्दुओं को मारा जा रहा हैं बीच रोड पर महिलाओं में दौड़ाया जा रहा हैं, अगर किसी ने आवाज उठाने की कोषित की तो अंजाम वहीं होता हैं ,यानी सर तन से जुदा
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दिल्ली में धर्मसंसद का आयोजन किया गया.इस दौरान देवकीनंदन ने नारा दिया कि ‘अभी नहीं तो कभी नहीं’ और ‘बहुत सह लिया अब न सहेंगे. हिन्दू हक लेकर रहेंगे’
दिल्ली में आयोजित सनातन धर्म संसद में देश भर के तमाम साधु संत, धमार्चार्य और कथावाचक जुड़े और देश सनातन बोर्ड बनाने की मांग को लेकर अपनी बातें रखी. कथावाचक देवकीनंदन के आह्वान पर इस सनातन धर्म संसद का आयोजन किया गया जिसमें तीन प्रमुख मुद्दे थे. पहला देश में सनातन बोर्ड बनाया जाए. दूसरा कृष्ण जन्मभूमि को मुक्त कराया जाए जबकि तीसरा तिरुपति बालाजी के मंदिर में पशुओं की चर्बी मिले प्रसाद का विरोध भी शामिल थी.
धर्म संसद की शुरूआत में देवकीनंदन ने नारा दिया कि ‘अभी नहीं तो कभी नहीं’ और ‘बहुत सह लिया अब न सहेंगे. हिन्दू हक लेकर रहेंगे’. और तिरुपति मंदिर के प्रसाद में मिलावट ना हो. गुरुकुल परंपराओं को पुनर्जीवित करने, धर्म परिवर्तन रोकने के लिए सनातन बोर्ड की जरूरत बताई. इसके बाद अलग अलग धर्मगुरुओं ने ना सिर्फ सनातन बोर्ड को लेकर बल्कि महाराष्ट्र चुनाव से लेकर लव जिहाद और धर्मांतरण से लेकर कन्हैयालाल हत्याकांड पर भी अपनी बात रखी.
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आपने देखा बांग्लादेश में शेख हसीना को देश छोडने पर मजबूर किया गया, इसके बाद वहां के हालातों ने पूरे हिन्दुओं को झकझोर कर रख दिया,भारत ही नहीं कई देशों ने बांग्लादेश के हिन्दुओं पर खेद जाहिर किया,
बँगलेश देश की हिन्दुओं की ाआवाज उठाने के लिए कोई मैदान में नहीं आया, लेकिन भारत के सनातनियों से इसको बड़े ही गंभीरता से लिया,सबसे पहले यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस मसले को गहनता से समझा और फिर चुनावी मैदान में -बंटेंगे तो कटेंगे के नारे से शुरूआत कर दी
इसके भारत के संतो में इसकी भनक लगते ही चर्चा का बाजार गर्म हो गया,हिन्दुओं की लड़ाई में पंडित धीरेन्द कृष्ण शास्त्री भी मैदान में आ गए और हिन्दुओं के लिये आवाज उठाने लगे
दूसरी तरफ महाराष्ट्र के चुनाव में अससुद्दीन ओबीस और उनके छोटे भाई 15 मिनट का उदाहरण देकर हिन्दुओं को आगाह करते हैं, बड़ा संकेत दिया
दूसरी तरफ हैदराबादी नबाब ने जिनके पूर्वर्जों को जिंदा जला दिया गया ,वो कोंग्रेसी नेता मलिका अर्जुन खडगे भाजपा और फरर को जहर बताकर उसे मार देने की बात कहते हैं,
इन दोनों बातों का मतलब साफ नकल कर सामने आ रहा हैं, जब जब हिन्दू बंटा तब तब हिन्दू कटा,का फॉमूर्ला जग जाहिर हो रहा हैं ,
जैसे ही इन मुद्दे ने हवा पकड़ी उससे पहले विश्व विख्यात आचार्य देवकी नंदन ने पहले से हीं मथुरा विग्रह मूर्ति के आंदोलन में प्रदर्शन करना शुरू कर दिया, और ये मामला आगरा कोर्ट में लामबंद हैं,
आचार्य जी ने वफ्फ बोर्ड पर अपनी राय देने के लिए, एक बड़ी धर्म संसद को मैदान में उतार दिया ,और पूरे भारत के कौन कोन से संतों ने सनातन बोर्ड की सभा में खुले मंच से एलान कर दिया,
दिल्ली की धर्म संसद में एक से बढ़कर एक संत भारत के कौन को से पधारे उनमें से हनुमान गड़ी के महतंत राजू दास महाराज ने चुनावों में वोट जिहाद का मुद्दा उठाते हुए कहा, कि अभी तक तो मूत जिहाद चल रहा था, थूक जिहाद चल रहा था, लव जिहाद चल रहा था, धर्मांतरण जिहाद चल रहा था, लेकिन अब तो वोट जिहाद भी चलने लगा, इसलिए हिंदुओं जग जाओ. कश्मीर से तो भगा दिए गए हो, बांग्लादेश से भगाए गए हो,अगर भारत से भगा दिए जाओगे तो कहां जाओगे? इसलिए हिंदू अगर सेकुलर हो जाएगा तो कैसे चलेगा? इसीलिए अभी भी समय है सुधार जाओ. इसलिए कहता हूं कि अभी नहीं तो कभी नहीं.
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संतों ने तो दिल्ली से एलान कर दिया अयोध्या तो झांकी हैं मथुरा काशी बाकी हैं, तो दूसरी तरफ पीएम मोदी भी एक कदम हैं आग खींचते हुए :एक हैं तो सेफ हैं का नारे देकर विपक्ष के समाने अपने पर्चे खोल दीये हैं, अंदर खाने कहीं न कहीं १२२ ने अब डोर संभाला ली हैं और बहुत जल्द देश सनातन पर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता हैं,
मामला यहीं खत्म नहीं होता हैं अब बारी हैं वफ्फ बोर्ड के खात्मे की ,जिसका विचार ्नस्रू की मीटिंग में चल रहा हैं,लेकिन इसका मसला हल होते हुए नहीं दिख रहा हैं
दूसरे तरफ सनातन बोर्ड बनाने की मांग ने रफ़्तार पकड़ ली हैं, दिल्ली मच से एलान हो गया हैं राममंदिर तो झांकी हैं मथुरा काशी बाकी हैं,
आपने कुछ दिन पहले देखा आंध्रा सरकार में पवन कल्याण ने सनातन धर्म का बीड़ा उठा लिया है, वो पीएम मोदी के नजदीक माने जाते हैं, कुछ दिनों पहले ही उन्होंने मंदिर के प्रसाद में मिलावट की घटना के बाद, सनातन रक्षा बोर्ड की मांग पहली बार की,
उसके बाद सनातन बोर्ड की मांग पूरे देश में होने लगी,
एक तरफ सीएम योगी आगरा से नारा देते हैं बंटेंगे तो कटेंगे, उन्हीं दिनों पवन कल्याण नारा देते हैं सनातन बोर्ड नहीं तो कुछ भी नहीं,
दिल्ली की धर्म संसद में आचार्य देवकी नंदन महाराज ने नारा दिया ” या तो वफ्फ बोर्ड खत्म या फिर सनातन बोर्ड का निर्वाण
इन नारों ने बाजार गर्म कर दिया हैं , वैसे अब भाजपा को भी ऐसा लगने लगा हैं कहीं ना कहीं सीएम योगी अपने आप में यूपी ही नहीं पूरे भारत में उनकी अलग से छाप बनती चली जा रही हैं ,

















