जनपद महराजगंज स्थित धानी ब्लाक के क्षेत्र नौसागर
बंगला चौराहा पर प्रथम दिन आयोजित कबीर पंथी सत्संग में संत असंग देव महाराज ने प्रवचन मे काफी संख्या में महिलाओं एवं पुरुषों ने भक्ति का रसपान किया।
सोमवार को सत्संग सुनाते हुए कहा कि संत कबीर दास ने कहा कि ढोंग,ढकोसला, आडम्बर व पाखंड को मिटा दे। हमारे दुर्गुणों को मिटा दे ।जीवन को जीने का कुछ ढंग होनाचाहिए। जीवन जीने का मतलब है
कि अपने लिए नही बल्कि संसार केलिए जिए। जिसका कोई अर्थ
हो । स्नान करने से शरीर का मैल खत्महो जाता है। लेकिन मन का मैल नही खत्म होता है।
इसके लिए सतसंग की
गंगा में डुबकी लगाना होता है। जो व्यक्ति सत्संग की गंगा में स्नान करता है, दुरबुद्धि को त्यागता हैं उसका जीवन सफल हो जाता हैं। वह हरि को नही ढूढता है बल्कि हरि उसे ढूंढते हैं। जीवन में व्यक्ति को एक्चुअल व पैंक्नुअल होना चाहिए। जिस घर में पति – पत्नी एक दूसरे का सम्मान करते हैं वह घर स्वर्ग हो जाता है। इस अवसर पर क्षेत्र सहित आसपास के तमाम गांवों के महिलाओं, बच्चों सहित तमाम लोगों ने सत्संग की गंगा में डुबकी लगाई। सतसंग देर रात तक
चलता रहा।


















