निघासन एसडीएम के पास फरियादी झूठी रिपोर्ट लगाने के सिलसिले में फरियाद लेकर पहुंचा था जहां पर निघासन एसडीएम ने फरियादी से जमीन संबंधित दस्तावेज मांगे लेकिन फरियादी के पास नही निकले कोई ठोस दस्तावेज जिसपर निघासन एसडीएम ने फरियादी से कहा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने के संबध में तुम जेल भी जा सकते हो जिस पर फरियादी के साथियों ने चोरी से एसडीएम निघासन की वार्ता को कैमरे में कैद कर लिया और कैद हुए वीडियो को गलत दिशा देकर सोसल मीडिया पर वायरल कर झुटी रिपोर्ट लगाने के लिए दबाव बनाने के चक्कर में शोसल मीडिया पर जमकर एसडीएम निघासन की वार्ता का करवाया जा रहा वीडियो वायरल जिसमे निघासन एसडीएम ने बताया खमरिया झव्वा पुरवा निवासी फरियादी द्वारा कई वर्षो से भूमि पर कर रखा था अवैध कब्जा जिसको संक्रमणीय भूमिधर करवाने के लिए हमारे पास फरियाद लेकर आया था जिस संबंध में हमने फरियादी से दस्तावेज मांगे लेकिन फरियादी के पास कोई दस्तावेज नहीं निकले निघासन एसडीएम ने बताया हमारे द्वारा उपरोक्त के सम्बन्ध में स्पष्ट करना है कि बरातीलाल द्वारा धारा 76 के अन्तर्गत ग्राम खमरिया की भूमि खाता संख्या 421 गाटा संख्या के खातों का संक्रमणीय किये जाने हेतु आवेदन-पत्र दिया गया था। आवेदन पत्र के साथ आवंटन की पुष्टि के सम्बन्ध में कोई साक्ष्य नहीं दिये गये थे जिसके बाद तहसीलदार निघासन से जाँच करायी गयी थी। पूर्व आख्या दिनाँक 05-07-2023 स्पष्ट न होने के कारण तहसीलदार निघासन से पुनः जाँच आख्या प्राप्त की गयी। तहसीलदार निघासन द्वारा दिनांक 18-09-2023 को आख्या प्रस्तुत की गयी जिसमें यह अंकित किया गया था कि उक्त ग्राम की आवंटन पत्रावली उपलब्ध नहीं है किन्तु आवंटन रजिस्टर के कमॉक 37 पर दिनाँक 15-06-1984 का आवंटन दर्ज है किन्तु आवंटन रजिस्टर पर आवेदक का नाम अंकित नहीं है अर्थात आवंटन रजिस्टर पर मात्र ग्राम का नाम एवं आवंटियों की संख्या दर्ज है किसी आवंटर का नाम दर्ज नहीं है और न ही किसी सक्षम अधिकारी के हस्ताक्षर हैं। साथ ही साथ नामान्तरण वही (आर 6) पर भी उक्त आवंटन स्वीकृत नहीं है और उक्त पत्रावली को किसी भी न्यायालय में भेजे जाने का कोई प्रमाण भी उपलब्ध नहीं है। उक्त आख्या को स्वयं आवेदक के अधिवक्ता द्वारा देखा भी गया और दिनांक 20-09-2023 को सुनियोजित तरीके से बरातीलाल द्वारा फर्जी इन्द्राज को संक्रमणीय किये जाने का दबाव बनाया जाने लगा। चूँकि इन्द्राज फर्जी था अतः अधोहस्ताक्षरी द्वारा फर्जी इन्द्राज होने के कारण वादी बरातीलाल के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराकर कार्यवाही किये जाने की बात कही गयी थी। वार्ताक्रम के दौरान वादी को अधोहस्ताक्षरी द्वारा न्यायालय के प्रकरणों में स्वयं वादी द्वारा ही साक्ष्य दिये जाने की बात कही गयी है। चूँकि कार्यालय में उक्त आवंटन के सम्बन्ध में वैधता सम्बन्धी साक्ष्य यथा आवंटन पत्रावली, नामान्तरण वही तथा पट्टा अधिपत्र आदि कोई अभिलेख उपलब्ध नहीं है. प्रथम दृष्टया उक्त इन्द्राज संदिग्ध प्रतीत होता है। उल्लेखनीय है कि सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि वादी वरातीलाल द्वारा उक्त भूमि का मौखिक विक्रय किया जा चुका है इसी कारण से उसके द्वारा संदिग्ध इन्द्राज के आधार पर संक्रमणीय भूमिधर घोषित किये जाने का दबाव बनाया जा रहा था इसी कारण ‘अधोहस्ताक्षरी द्वारा वार्तालाप के दौरान उक्त बात वरातीलाल से कही गयी थी एवं अन्त में वादी को समझाया गया था कि न्यायालय की कार्यवाही में वादी द्वारा ही साक्ष्य प्रस्तुत किया जाता है एवं यदि उसके पास उक्त के या में कोई साक्ष्य उपलब्ध हो तो वह उसे न्यायालय में प्रस्तुत करे जिसके आधार पर निर्णय लिया जा सके। ऐसा फरियादी से कहा गया की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने के संबंध में तुमको कुछ दिन की जेल भी हो सकती है इसका फरियादी से फायदा उठाते हुए वीडियो रिकॉर्ड कर लिया और शोसाल मीडिया पर वायरल कर दिया।















