वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में पास हो गया है. देर रात 1.56 मिनट पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ये ऐलान किया. बिल के पक्ष में 288 वोट पड़े, जबकि विरोध में विरोध में 232 वोट पड़े. अब इसे राज्यसभा में भेजा जाएगा. बीजेपी की सहयोगी पार्टियों ने इस विधेयक का खुलकर समर्थन किया .वहीं, विपक्ष ने बिल का विरोध किया. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि अल्पसंख्यकों के लिए भारत से ज्यादा सुरक्षित दुनिया में कोई जगह नहीं है लगभग 12 घंटे तक चली बहस का जवाब देते हुए केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री रिजिजू ने कहा कि पारसी जैसे छोटे अल्पसंख्यक समुदाय भी भारत में सुरक्षित हैं
देश में सबसे बड़ा मुद्दा हैं जमीन का
वफ्फ पर बहस,पार्लियामेंट में डिवेड,इन दोंनो ही बातों पर सियासी इशारे हैं,
यानी कह सकते हैं 8.7 लाख प्रॉपर्टी, जो 9.4 लाख एकड़ में फैली हुयी हैं, यानी ये देश में आर्मी और रेलवे के बाद जमीन के मालिकाना हक की बात हैं, जिसे लेकर लोक सभा में विपक्षी दल बिल पर प्रतिबाद करते हुए दिखाई दे रहे हैं, लेकिन इस बिल पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों का अपनी अपनी प्रितकिर्या दे रहे हैं
बिल का भारत के लोगों को बेसब्री से इतंजार था,इसको लेकर लोकसभा में 12 बजे बहस शुरू हुयी,इस बिल को पेश किया भारत सरकार के मानयोरटी अफेयर मंत्री किरण रिजूज ने ,
आखिर किरण रिजुजू क्यों ,इसमें में भी बड़ी बात हैं-रिजुजू का जन्म नबम्बर 1971 एक बुदिष्टि परिवार के,नाखू गांव में जो नाफर शहर के नजदीक अरुणाचल प्रदेश में पड़ता हैं, यानी ये समझ सकते हैं बुद्धिस्ट मानयोरटी का व्यक्ति बिल पेश कर रहा था,कोई बहु शख्यक व्यक्ति नहीं,ये भी राजनीति में बड़ा इशारा करता हैं,
दिल्ली के हंसराज कॉलेज लॉ में पड़े रिजुजू अंग्रेजी में अब्बल हैं,लेकिन हिंदी में लोकसभा में भाषण प्रस्तुत कर डंका बजा दिया
बाईट: रिजुजू
दरशल ये बिल 1995 के वफ्फ एक्ट को अमेंड करेगा,इसे 2024 में मोदी सरकार द्वारा पेश किया गया था,लेकिन सदन में विरोध होता देख jpc में भेज दिया गया,यानी जॉइंट पार्लियामेंट कमेटी,जिसमें अध्यक्ष बीजेपी के जगदम्बिका पाल थे,इस दौरान कई बार इस बिल पर चर्चा हुयी तो जमकर हंगामा भी कटा,tmc के नेता कल्याण बनर्जी,अससुद्दीन ओबेसी,संजय सिंह जैसे नेताओं ने जमकर बिरोध किया, और इस क़ानूनू को मुस्लिम विरोधी करार देने की बात कहते हुए नजर आये थे
विपक्ष को इस बिल से बड़ा एतराज था, लेकिन आज बिल फिर लोकसभा में पेश किया गया और किरण रिजुजू ने इसे नाम दिया
U-Unified
M-Management
E-Empowerment
E-Efficiency
D-Development
एक्ट बताते हुए अपनी बात को सदन में रखा, दरहसल ये बिल वफ्फ में हो रहीं गड़बड़ियों को ठीक करने के लिए लाया गया हैं,
1995 का वफ्फ एक्ट क्या कहता हैं
2025 का नया वफ्फ एक्ट क्या क्या कहता हैं, ये जानते हैं
1995 का वफ्फ एक्ट 2025 का नया वफ्फ एक्ट
1-वफ्फ कोई भी कर सकता हैं 1.5 साल से इस्लाम मानने वाला
प्रॉपर्टी पर मालिकाना हक हो
परिवार का हक देने के बाद
2-वफ्फ बोर्ड तय करे की प्रॉपर्टी वफ्फ हैं 2-वफ्फ बोर्ड का ये हक छीन लिया जाएगा
अब बात वफ्फ बोर्ड के गठन की होती हैं तो वो बहुत ही मुश्किल हैं, 1995 एक्ट कहता हैं की सेंट्रल काउंसिल में सिर्फ मुस्लिम होंगे,
1995 का वफ्फ एक्ट 2025 का नया वफ्फ एक्ट
सेंट्रल काउंसिल में सिर्फ मुस्लिम होंगे सेंट्रल काउंसिल में सिर्फ 22 सदस्य होंगे
10 मुस्लिम समुदाय से,
4 गैर मुस्लिम,3 सासंद
2 महिला अनिवार्य, 2 पूर्व जज होंगे
STATE वफ्फ बोर्ड में 11 सदस्य होंगे,
3 से ज्यादा गैर मुस्लिम नहीं हो सकते
अब आखिर वफ्फ बोर्ड में होगा कौन, ये भी के एक बड़ा सवाल पैदा हो रहा हैं
1995 का वफ्फ एक्ट,कहता कहता हैं 2025 का नया वफ्फ एक्ट
1 .सुन्नी और सिया के लिए अलग बोर्ड थे शिया,बोहरा,पसमांदा मुस्लिम भी शामिल होंगे
2 .शिया बोर्ड को 15% की प्रॉपर्टी या INCOME थी
3 .आगारवानी और बोहरा मुस्लिम के लिए अलग बोर्ड
1995 का वफ्फ एक्ट,कहता कहता हैं 2025 का नया वफ्फ बिल क्या कहता हैं
राज्य सरकार को ऑडिट का हक हैं केंद्र को कानून बनाने का हक हैं
रजिस्ट्रेशन,अकाउंट और क्रियानबयान
वफ्फ के अकॉउंटन का ऑडिट, हो सकता आहें CAG
क्या किसी भी संस्थान द्वारा
1995 का वफ्फ एक्ट,कहता कहता हैं 2025 का नया वफ्फ बिल कहता हैं
1 .वफ्फ बोर्ड के फैसले फाइनल हैं 1.Tribunal के जो फैसले होंगे वो फाइनल नहीं हैं
2.कोर्ट का रास्ता बंद 2.90 दिन में high court में अपील
3.high court की suo moto जांच वो हैं
लेकिन अपील नहीं कर सकते
जो सरकार द्वारा नए फीचर लागू किये गए वो क्या हैं, वो जानते हैं
यानी इसमें ये साफ हैं की जो मामला पहले हो गया वो हो गया,लेकिन आने वाले दिनों में ये कानून के हिसाब से काम होगा
इसमें dm से ऊपर का अफसर जांच करेगा,पहले इससे जांच पर आपत्ति भी जताई गई, कि dm सरकार का ही हैं ,इसलिए इसमें बदलाव किया गया
बिना रजिस्ट्रेशन के हक के मामले कोर्ट जा सकेंगे,चाहे 6 महीने बीत चुके हों,
और वफ्फ ट्रायब्यूनल में तीन सदस्य होंगे,जिसमें एक्स या करेंट डिस्ट्रिक जज होगा,
संसद में इस बिल पर जमकर सदन में टकराब रहा,और इस बिल को मुस्लिम विरोधी बिल करार दिया गया, लेकिन इस बिल को सदन में पास कराने के लिये एक तरीका था
जिसमें लोकसभा में 542 की संख्या हैं, जिसमें 272 वोट की जरूरत थी बिल को पास कराने में
यहाँ NDA के नंबर 293 हैं
और दुसरी तरफ INDIA गठबंधन हैं,उनके पास 235 सासंद हैं