जनपद महराजगंज
मायके पक्ष द्वारा एसपी को पत्र लिख निष्पक्ष जांच की मांग !
महराजगंज के बृजमनगंज थाना क्षेत्र मे बीते दिनों रविवार को धानी कस्बे के कानापार निवासी मनीष मिश्रा की पत्नी विजयलक्ष्मी सहित 12 वर्षीय पुत्र शौर्य की धारदार हथियार से गला रेत कर हत्या होने पर क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी।मनीष मिश्रा की गैरमौजूदगी संदेहहास्यास्पद लगी।पुलिस द्वारा प्रथम दृष्टि मे शक उसके पति पर जाने से स्थानीय पुलिस उसके तलाश में जुट गई थी दो दिन पूर्व मृतक महिला एवं मृतक पुत्र के पिता का शव राप्ती नदी से मिलने पर पुलिस के संरक्षण में मृतक के पिता द्वारा दाहसंस्कार किया गया।पुलिस अभी तक यह जान भी नहीं पायी कि महिला और उसके नाबालिग पुत्र की हत्या किसने की और क्यों की तभी मृतक महिला के भाई ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन के माध्यम से सास ससुर जेठानी पर हत्या का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
बताते चलें कि धानी बाजार में बीते दिनों एक मकान के अंदर खुन से लथपथ मां बेटे का शव पुलिस ने बरामद किया वही मृतक महिला के ससुर ने अपने ही पुत्र पर पत्नी को पत्राडित करने का आरोप लगाते हुए हत्या का शक जाहिर करते हुए केस दर्ज कराया।
पुलिस को दोहरे हत्याकांड का पुख्ता सबूत न मिलने पर पिता के तहरीर पर मनीष को आरोपी मानते हुए तलाश में जुट जाती हैं घटना के दूसरे दिन मंगलवार को राप्ती नदी में एक युवक की लाश पुलिस को मिलती हैं जिसकी कदकाठी हुबहू मनीष से मिलती हैं तथा उसके गले में जनेऊ पहने था।पुलिस द्वारा मनीष के पिता को बुलाकर शिनाख्त कराने पर पिता अपने पुत्र के रूप में पहचान किया गया हलांकि पुलिस अभी संतुष्ट नजर नहीं आ रही है और शव से डीएनए सैंपल निकाल कर जांच कराने की बात की है।
पुलिस द्वारा पीएम कराकर शव को सौंप दिया गया।पिता ने अंतिम संस्कार किया।मनीष के मृत्यु के साथ ही पुलिस को हत्या की गुत्थी सुलझने के बजाय उलझती हुई नजर आने लगी।क्योंकि पुलिस जिसे हत्यारा समझ रही थी।वह तो मर चुका है अब पुलिस के सामने सवाल यह है कि मनीष मरा कैसे ?क्या उसने आत्महत्या की या उसकी हत्या कर शव नदी में फेंक दिया गया?
महिला एवं पुत्र की जघन्य हत्या किसने और क्यों की ?क्या जब यह हत्या हुई तो मृतक पत्नी या बच्चे ने बचाव के लिए कोशिश नहीं की?पुलिस अभी इन्हीं कडी को जोडऩे के प्रयास में लगी हुई हैं।
इस संबंध में थानाध्यक्ष श्यामसुंदर तिवारी ने कहा कि जांच पडताल चल रही हैं गुनाहगार कितना भी चालक को कानून के हाथ से बच नहीं सकता।
खबर एक्सपर्ट
रिपोर्ट:-ओमधार जायसवाल



















