फरेंदा
कस्बे में बस अड्डा नहीं है। यात्रियों को सड़क के किनारे घंटों खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है।
इससे लोगों को परेशानी होती है। जनप्रतिनिधि भी लोगों की इस समस्या पर उदासीन बने हैं।
गोरखपुर-सोनौली राजमार्ग पर स्थित फरेंदा कस्बा से नेपाल व गोरखपुर जाने के लिए यात्रियों की भीड़ लगी रहती है।
आजादी के कई दशक बीतने के बाद भी फरेंदा क्षेत्र के यात्री बस स्टेशन के लिए तरस रहे हैं।
यात्रियों को सड़क व आसपास के दुकानों व मंदिर के बरामदे में बैठकर समय बीताना पड़ता है। नेपाल,सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर,कुशीनगर, गोरखपुर,महराजगंज,निचलौल, ठूठीबारी व बस्ती जाने के लिए फरेंदा केंद्र बिंदु माना जाता है !
यहां से हजारों यात्री विभिन्न जनपदों के लिए रवाना होते हैं। सबसे खराब हालत विष्णु मंदिर व आंबेडकर तिराहा की है!
जहां सिद्धार्थनगर,बढ़नी,बस्ती, कुशीनगर व नेपाल के बसों की यात्रा के लिए वाहन मिलता है। जहां पर लोग भीड़ से जूझते हुए बस का इंतजार करते देखे जाते हैं।
शिवम जायसवाल ने कहा कि फरेंदा कस्बे में बस स्टेशन के इसके लिए मैंने वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी जी को ज्ञापन दिया !
जिससे स्थानीय यात्रियों के साथ ही दूर-दराज से आए लोगों को सहूलियत मिल सके।कारोबारी कर्तव्य सरावगी ने कहा कि फरेंदा में बस स्टेशन का निर्माण बेहद आवश्यक हैं।
जनप्रतिनिधियों को इस पर पहल करना चाहिए। बस स्टेशन के अभाव में सिद्धार्थनगर बस डिपो कस्बे से न जाकर धानी ढाले से मुड़ जाती हैं।
लोगों ने कई बार मांग किया लेकिन कोई पहल नहीं हुआ। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक सर्वजीत वर्मा ने बताया कि समस्या के समाधान की पहल की जाएगी।
खबर एक्सपर्ट
रिपोर्टर:-चीफ ओमधर जयसवाल
महाराजगंज















