8 अगस्त को सदन में चंद्रशेखर ने कर दी ऐसी मांग , देखते रह गए अखिलेश
मायावती के नक्शे कदम पर चल रहे चंद्रशेखर,सदन में यूपी को लेकर कर दी बडी मांग
इस मांग के बाद मायावती की राजनीती आएगा राहू , बनेंगे दलितों के मसीहा
चंद्रशेखर की चाल 27 से पहले बसपा सुप्रीमो की राजनीती का कर देंगे दी ऐंड
उत्तर प्रदेश की राजनीति को लेकर लाइन कड़वी जरूर है लेकिन यह 16 आने सच है
चंद्रशेखर रावण ने जब से अपनी राजनीति का तौर तरीका उत्तर प्रदेश में अच्छे ढंग से सवाल है, तब से बहुजन समाजवादी पार्टी के चहेते उत्तर प्रदेश की तमाम युवा चंद्रशेखर की कार्यशैली से बहुत ही प्रभावित हैं, और अक्सर करके मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक चंद्रशेखर की बातें करते रहते हैं,
8 अगस्त को आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष सांसद चंद्रशेखर ने बसपा और सपा में उस समय हलचल पैदा कर दी जब उन्होंने सदन में ऐसे मुद्दे को छेड़ा , जिसे कभी बीएसपी प्रमुख मायाबाती उठाया करती थीं, जो मायावती की राजनीति के लिया हुआ करता था अहम,
इससे मुद्दे को आज तक किसी भी राजनीतिक पार्टी के अजेंडे में नहीं रहा हैं,लेकिन बसपा सुप्रीमो मायाववती की तरह चंद्रशेकर ने उसे अपने राजनीतिक अजेंडे अपना लिया। .
आपने देखा पहले भी उत्तर प्रदेश के विभाजन का मुद्दा चर्चा में रहा हैं। लेकिन इस बार यूपी को चार हिस्से में बांटने का मुद्दा चंद्रशेखर ने सदन में उठा लिया,हलांकि बीजेपी छोटे राज्यों की पक्षधर रहीं हैं,लेकिन इस बार बसपा सुप्रीमों के इस पॉइंट को सदन में चंद्रशेखर ने हवा दे दी हैं। ….
यूपी बाँटने का 12 साल पहले विधानसभा में पास कराया था बिल
लेकिन चुनाव आते ही बसपा सुप्रीमों का सपना हो गया था चकनाचूर
लेकिन सवाल ये क्या बसपा सुप्रीमो के पदचिन्हों पर चल रहे हैं चंद्रशेखर
आइये हम आपको बताते हैं आखिर क्यों चंद्रशेखर चाहते हैं यूपी को चार हिस्सों में बांटना ,
तो उससे पहले ये भी जान लेते हैं आज से 12 साल पहले बसपा सुप्रीमों मायावती ने यूपी को चार हिस्से में बाटने का फूल प्रोफ प्लान बना लिया था ,इसे विधानसभा में पास करा लिया था ,लेकिन चुनाव आते हैं बसपा की करारी हार हुई ,और अखिलेश यादव सीएम बने , बसपा सुप्रीमो मायावती का प्लान धरा का धरा रह गया ,
और अब सब जानते हैं आज बीएसपी की मायावती और आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर एक दूसरे के ध्रुव विरोधी माने जाते हैं तो लेकिन ये भी की चंद्रशेखर अब मायावती की लाइन पर है, दोनों नेताओं का वोट बैंक भी एक ही है, उत्तर प्रदेश में चंद्रशेखर की बढ़ती लोकप्रियता और मायावती का घटता जनधार ,कहीं ना कहीं बसपा के कोर वोटरों को अपने पाले में खींचने का पूरा प्लान बना चुकें हैं , इसका असर कहीं ना कहीं मायावती के कोर वोटरों पर देखने को मिलेगा,
यूपी की चार बार मख्यमंत्री रहीं बसपा सुप्रीमों मायवती से ज्यादा चंद्रशेखर की लोकप्रियता ने मायवती के लिए खतरा खड़ा कर दिया हैं
वैसे भी चंद्रशेखर ने उप चुनाव में सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने का मन बना लिया हैं इससे और भी हलचल पैदा हो रही हैं
यूपी की राजनीति में बसपा को आगे बढ़ाने के लिए युवाओं को जोड़ने के लिए मायावती अपने भतीजे आकाश आनंद को पॉलिटिक्स में लेकर आईं, आकाश को अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी बनाया फिर अचानक लोकसभा चुनाव के बीच में उनके प्रचार पर रोक लगा दी, उन्हें एमचोर और बता दिया
चुनाव खत्म होते ही मायावती ने उन्हें फिर से नंबर 2 बना दिया ,लेकिन तब तक चंद्रशेखर रावण अपने लिए एक लंबी लकीर खींच चुके थे,
पश्चिमी यूपी में दलित और मुस्लिम मायावती की ताकत रहे हैं, उनके ही दम पर पश्चिमी यूपी में मायावती की पार्टी कई वर्षों तक सत्ता में रही और जमकर राज किया ,उस दौरान जाट समाज भी बसपा में मिला ,
लेकिन आपने एक कहावत सूनी होगी कि बुरे दिन आते हैं तो अपने भी साथ छोड़ देते हैं ,और बसपा के साथ भी ऐसा ही हुआ और बीएसपी कमजोर हुई तो मुसलमान ने साथ छोड़ दिया, दलित में सिर्फ जाटव उनके साथ बच गए, लेकिन लोकसभा चुनाव में चंद्रशेखर नगीना से सांसद बन गए, ऐसे में उन्हें मुसलमान ने वोट दिया, दलितों ने वोट दिया, जाट समाज के लोगों ने वोट दिया, अब चंद्रशेखर इसी के दम पर सोशल इंजीनियरिंग करते हुए यूपी के बंटवारे की बात कहीं
उन्हें पता हैं की ऐसा राह तो पूरी यूपी में अपने पैर जमान आसान नहीं होगा ,अगर यूपी चार भागों में बंट जाए तो ,पश्चिमी यूपी अलग राज्य बन जाएगा तो ,उनके मुख्यमंत्री बनने का चांस हो सकता है, पश्चिमी यूपी में दलित मुस्लिम और जात बिरादरी के वाटर मिलाकर उनका मिशन पूरा कर सकते हैं, ऐसे में पश्चिमी यूपी या उत्तर प्रदेश के चार बंटबारों को लेकर कभी आंदोलन नहीं हुआ ,लेकिन लोकसभा में चर्चा करके इस मुद्दे पर बड़ी सियासत करना का प्लान बना लिया हैं
आने बाले दिनों में बसपा के लिए अच्छे दिनों के संकेत नहीं हैं ये हैं जरूर दें ,चंद्रशेखर के बढ़ते कदम बसपा की कमजोरी हैं या अन्य कोई सन्देश

















