भारत की धरती पर हुए ज़ी 20 सम्मेलन के बाद उत्तर प्रदेश में सियासत गरमाने लगी है,,एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी भारत देश का मान बड़ा रहे थे,,,तो वहीं दूसरी तरफ विपक्ष में बैठे नेता सरकार को घेरने का काम कर रहे थे ,

आपको बता दें की जैसे ही g२० के मेहमानों की विदाई का वक़्त होने लगा वैसे-वैसे विपक्षी नेताओं को भी अपने हाथ सेकने का मौका भी मिलने लगा,,, दरअसल ये पूरा मामला उत्तर प्रदेश की राजनीती का है,, जहा g20 सम्मलेन के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीती जोरों शोरों से गर्माने लगी है,,,,
आपको बता दें की उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को g20 के सम्मलेन के बाद से मिर्ची लगना शुरू हो गयी है,,,,जिसके बाद उन्होंने X पर ट्वीट करते हुए पीएम मोदी सहित विदेशी मेहमानों को भी घेरा है
वहीं अखिलेश यादव ने अपने ट्वीट में कुछ इस प्रकार से लिखा है की ”

विदेशी मेहमानों को सोने की थाली में छप्पन भोग परोसे…और देश के करोड़ों लोग है बस पाँच किलो अनाज के भरोसे!
अगला चुनाव इसी भेद को मिटाने के लिए लड़ा जाएगा।।।दिखावा भी छलावा होता है या कहिए जुमले का पर्यायवाची।।।.
भाजपा के दिखाए झूठे स्वर्णिम स्वप्न की नींद से जनता जाग गयी है,.,,वैसे भी भूखी आँख को सुनहरे सपने नहीं आ सकते…
अखिलेश के ट्वीट करने के बाद, सीएम योगी के ट्विट से उन्हें आड़े हाथों ले लिया हैं

व्ही ट्वीट पर पलट जवाब देते हुए उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए ट्वीट किया है,,,,,
कि चांदी की चम्मच मुँह में लेकर जन्म लेने वाले परिवार वादी पार्टी के मुखिया को यह भी नहीं पता कि बर्तन धातुओं के बनते हैं और उन धातुओं पर सोने चांदी की सिर्फ वर्क चढ़ाई जाती है!!
वहीं सीएम योगी ने आगे लिखा कि “जो अपने बाप की वजह से सीएम की कुर्सी पर बैठा हो, उसे सोना-चांदी और सोने चांदी के वर्क में क्या ही फर्क मालूम होगा!!
ज़ी 20 पर अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री को घेरा ,लेकिन जनता ने अखिलेश को ही आड़े हाथों ले लिया और अखलेश के री ट्वीट पर जनता ने जमकर भड़ास निकाली और व्ही एक यूजर हिन्दू राष्ट्र ने पलट जवाब देते हुए लिखा है की

टोटी भैया आप तो भूल ही गए यूपी की जनता का पैसा आप अपने जन्मदिन और सैफई महोत्सव में खर्च किया करते थे, उसका मांग लेगी जनता तो रोने लग जाओगे
वहीं उसने आगे भी लिखा की सैफई महोत्सव पर खर्च क्या आप अपने घर के पैसों से करते थे जो केंद्र सरकार से सवाल कर रहे हो,,,सवाल करने का अधिकार सिर्फ ईमानदार नेता का है आप जैसे भ्रस्ट नेता का नहीं,,हिसाब लो तो पहले हिसाब दो,,,,
व्ही एक और यूजर ने कुछ इस प्रकार लिखा है की

आपके पास अपनी उपलब्धि बताने के लिए तो कुछ है नहीं,क्यूंकि सपा सर्कार में डिब्बी जलाने वाला तेल भी ब्लैक कर दिया जाता था,,
कहीं न कहीं आपको लगता है की भाजपा सपा से अच्छा कार्य कर रही है इसलिए आप अपनी उपलब्ब्धि बताने के बजाय बीजेपी के कामों से जल रहे हैं
क्या अखलेश यादव ने ज़ी-20 के बाद भारत के प्रधानमंत्री को घेरा वो सही हैं या गलत हमें कमेंट बॉक्स में जरूर लिखे



















