उत्तर प्रदेश में बुधवार को प्रदेश वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विभिन्न क्षेत्रों के विकास के लिए बजट पेश किया। इस दौरान उन्होंने सरकार की चल रही योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी उन्होंने बताया कि किस योजना के लिए सरकार ने आगे कितना प्रस्ताव रखा हैं। बात करें व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास के क्षेत्र की तो इन बिंदुओं में देखें
युवाओं और महिलाओं के लिए कई घोषणाएं की. इस बजट में उन्होंने शिक्षा, युवा, रोजगार पर भी काफी फोकस किया है.
इस बजट में योगी आदित्यनाथ सरकार ने छात्र-छात्रों के लिए सबसे बड़ा ऐलान किया है. सरकार ने स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तीकरण योजना के पात्र छात्र-छात्राओं को टैबलेट- स्मार्टफोन देने हेतु वित्तीय वर्ष 2023-2024 के बजट में 3600 करोड़ रूपये की व्यवस्था की है.
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा है कि कपड़ा उद्योग में 31 हजार युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है.
बजट में कहा गया कि प्रदेश में अब तक 1.53 करोड़ से अधिक निर्माण श्रमिकों तथा 3,14,611 निर्माण स्थलों का पंजीकरण कराया जा चुका है.
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा है कि प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों को प्रशिक्षण देने की योजना के तहत कौशल विकास मिशन के माध्यम से छह वर्षों में 12 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया गया. चार लाख 88 हजार युवाओं को प्रतिष्ठित कंपनियों में रोजगार कराया गया.
मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के अन्तर्गत अब तक 4837 इकाइयां स्थापित करते हुए 88,808 लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये गये. वित्तीय वर्ष 2023-2024 में वस्त्रोद्योग के क्षेत्र में 40,000 रोजगार सृजन का लक्ष्य है.
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि अप्रेन्टिसशिप के माध्यम से युवाओं को उद्योगों के साथ प्रशिक्षण प्रदान किये जाने के क्रम में मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत 31 हजार युवाओं को प्रशिक्षण करने का लक्ष्य रखा गया है.
बजट में कहा गया कि इन्क्यूबेटर्स को बढ़ावा देने तथा स्टाटर्अप्स के लिये सीड फण्ड हेतु 100 करोड़ रूपये की व्यवस्था की गई है.
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि उत्तर प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी एवं स्टाटर्अप्स नीति हेतु 60 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है.
14 नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे ,जिनके लिये 1400 करोड़ रूपये की व्यवस्था की जाएगी
ग्रामीण क्षेत्र में हेल्थ सेक्टर को लेकर बड़े एलान 12631 करोड़ रूपये की व्यवस्था की गई हैं
आयुष्मान योजना के लिये 400 करोड़ रुपए की व्यवस्था की जाएगी
समुदायकी स्वस्थ केन्द्रो के लिए 100 करोड़ की व्यवस्था
प्रदेश में 305 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान संचालित हो रहे हैं, जिनमें विभिन्न व्यवसायों की 1,72,872 सीटें उपलब्ध हैं। प्रदेश के विभिन्न राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में से 47 में महिलाओं के प्रशिक्षण हेतु महिला शाखा संचालित कराई जा रही है।
सम्पूर्ण प्रदेश में महिलाओं हेतु 12 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान स्वतन्त्र रूप से संचालित हो रहे हैं।
सम्पूर्ण प्रदेश में 2963 से अधिक निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान संचालित हो रहे हैं, जिनमें 4.58 लाख से अधिक सीटें युवाओं के प्रशिक्षण हेतु उपलब्ध हैं।
टाटा टेक्नोलाॅजीज लि0 की सहभागिता से प्रदेश के राजकीय क्षेत्र के 150 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के तकनीकी उन्नयन की योजना के अन्तर्गत आधुनिक कार्यशालाओं एवं कक्षा कक्षों का निर्माण कराया जा रहा है । परियोजना की लागत 5000 करोड़ रूपये से अधिक है जिसमें 88 प्रतिशत अंश टाटा टेक्नोलाजी लि0 द्वारा तथा 12 प्रतिशत अंश राज्य सरकार द्वारा लगाया जायेगा ।
इसके अतिरिक्त राज्य सरकार द्वारा परियोजना हेतु 10 हजार वर्ग फीट क्षेत्रफल में कार्यशाला, प्रशिक्षण कक्ष इत्यादि के निर्माण के लिये 477 करोड़ रूपये का व्यय वहन किया जायेगा। वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में परियोजना के लिए 940 करोड़ रूपये की व्यवस्था करायी गयी है।
परियोजना के फलस्वरूप प्रतिवर्ष लगभग 30,000 छात्र प्रशिक्षित होंगे।
कौशल विकास मिशन के अन्तर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम हेतु 150 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रशिक्षण योजना हेतु 70 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
केन्द्र प्रायोजित स्ट्राइव योजना के अन्तर्गत 29 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का उच्चीकरण कराया जायेगा। इस हेतु 35 करोड़ रूपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित है।



















