गावों की समस्या पर कब चलेगा बुलडोजर,देखिये कैसे होगा फुल एंड फाइनल
लाखों समस्याएं ग्राम प्रधान के विकास की,जिन पर योगी कसेंगे नकेल
अगर हुआ गांव के विकास में घोटाल ,तो जुर्माने के साथ प्रधान को होगी जेल
अधिकारीयों पर गिरेगी गाज, अब प्रधानों की मनमानी पर चलेगा बुल्डोजर
गांव हो या नगर पंचायत, प्रधान हो या फिर चेयरमैन खुद ही बन गए ठेकदार

तो अब हो जाएगा तैयार बारी भरस्टचार मुक्त उत्तर प्रदेश की हैं ,
यूपी के प्रधानों पर संकट आ गया हैं ,सीएम योगी आदित्यनाथ का सख्त आदेश आया ,घोटाला किया तो उल्टा टांग देंगे, डीएम पर होगी एफआईआर सीडीओ को जेल क्योंकि ग्राम प्रधानों की मनमानी पर हंटर चलाने का प्लान तैयार हैं
वैसे आपने एक कहावत तो सूनी होगी ,जैसे करोगे वैसे भरोगे,
यानी यूपी में वो दिन दूर नहीं जब यूपी के गावों में बाबा का बुलडोजर रफ्तार ना पकड़े ,क्यूँकि बहुत हो गया ,अब आगे नहीं चलेगा ,सबको पाई पायी का हिसाब देना होगा ,वो भी शूद के साथ
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आपने सीएम योगी का काम तो देखां, जिसका उद्धरण हर रोज देखने को मिलता हैं
सीएम योगी के कामों की एक लिस्ट आपको बताते हैं जिस पर जमकर काम हुआ
1.एंटी भू माफिया ओप्रशन
2.ऑपरेशन लंगड़ा :
3.ऑपेरशन क्लीन यूपी
४.ऑपेरशन बुल्डोजर से तो, अच्छे अच्छे भू माहियाओं को मिट्टी में मिलते देखा हैं ,चाहे वो लखनऊ का मामला हो या फिर मुजफ्फर नगर का
जहां भी बुलडोजर गया वहां सफाया करता गया ,
लेकिन अब बारी हैं “ओप्रशन प्रधान”
जिसका बहुत जल्द पर्दा उठने वाला हैं ,विकास का पहिया घूमेगा,बाबा का बुलजदोजर दौड़ेगा,
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क्यों डिजिटल भारत में प्रधानों के विकास को उजागर करने में गांव की जनता पीछे नहीं हैं, आये दिन हजारों समस्याओं गांव के विकास से संबंधित सीएम योगी पोर्टल और सीएम योगी के ऑफिस तक पहुंच रही हैं ,
जिनमें संबसे ज्यादा समस्याएं गांव में खरंगे के ऊपर खरंजा,कच्ची ईटों से भवन निर्माण,लगागातार गांव में बढती समस्या,नालियों में सड़न पैदा होना ,कॉमन बन चुका हैं,और तो और पट्टा किसी और का और पट्टा धारक कोई और ,
सीधा विकास के नाम पर करोड़ों रूपये डकारे जा रहे हैं ,ये खेल सब अधकारीयों की मिली भगत से चल रहा हैं ,सूत्रों की मानें तो ये सिर्फ भरस्टचार प्रधान तक ही सीमित नहीं हैं ये ,नेता ,अधिकारी,कर्मचारियों में बंदर बाँट की तरह बांटा जा रहा हैं विकास का पैसा ,और विकास किसी कोने में खड़ा रहा जाता हैं
हलांकि देश के प्रधानमंती हो या फिर यूपी के सीएम योगी हों ,गावं की जनता और शहरों में विकास के लिए करोड़ों रूपये की योजनाएयें ला रहे हैं ,सूत्रों की मानें इस योजनाओं को धरातरल पहुचंने तक सबकुछ फिक्स हो जाता हैं
अधिकारी फिक्स
नेता फिक्स
और और तो गांव के विकास की जड़
प्रधान भी फिक्स हो जाते हैं
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अब जब सब फिक्स ही हो जाएगा तो ,विकास कैसे होगा ,शिकायत कहाँ होगी ,
शिकायत होगी भी तो,उस पर अम्ल कहाँ ,होगा , ये सारे सवाल पैदा हो जाते हैं
इस सारे सवालों का जबाबा सीएम योगी ही देने वाले ,वो भी बुलडोजर के साथ
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आएये हम आपको बताते हैं सूत्रों के हवाले से की कहां, कब, कैसे , सरकारी धन का बन्दर बाँट हो रहा हैं
लेकिन उससे पहले हम प्रधानों का भी पक्ष सुन लीयेगा,
ऐसा गांव के प्रधानों का आरोप रहता हैं की गावों में विकास के नाम पर 100 रूपये में से 80 पहुंचते हैं
उसमें से 40 परसेंट पहले ही जिला पंचायत ,क्षेत्र पंचायत ,के लिए हो जाता हैं ,बचे हुए 40 परसेंट में गांव के विकास से लेकर गायों और केयर टेंकरों तक दिया जाता हैं
तो आप सोचो के कैसे और कहा से होगा विकास ,
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यानी आज गांव के प्रधानों और शहर के चेमेयरमेनों के फर्जी विकास का घड़ा भर चुका हैं ,करोड़ों खर्च हुए कूड़े के नाम पर, लेकिन फिर भी कूड़ा रोड पर,
सूत्रों की मानें तो सीएम योगी की टीम गांव के विकास में पेनी नजर से काम कर रही हैं ,प्रधानों का कच्चा चिठ्ठा तैयार हो रहा हैं , यूपी में 2027 चुनाव से पहले कुछ बड़ा करने जा रही है, जिसमें सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक सर्वे करवाया था सर्वे में पाया गया है कि यूपी के ज्यादातर ग्राम प्रधान मनमानी करते सरकार की योजना, जमीन पर नहीं उतर पा रही, तो क्या सभी प्रधानों को जेल में डालने का प्लान है, या फिर बेईमानों की पहचान करने का आदेश है,
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आपको विस्तार से बताते हैं कैसे प्रधान जी योगी की हिट लिस्ट में आ गए हैं, सरकार को खबर है कि ज्यादातर प्रधान योगी सरकार से धन लेते हैं, लेकिन वह जनता का काम नहीं करते, बजाय खुद की जेब भर लेते, सीएम पोर्टल पे भारी संख्या में योगी आदित्यनाथ से प्रधानों की शिकायत की जा रही है, आरटीआई भारी संख्या में डाली जा रही है, लेकिन कहीं भी जनता के साथ न्याय नहीं हो रहा है, इसीलिए योगी का यह प्लान प्रधानों की बेईमानी को साफ करने के लिए कारगर साबित होने जा रहा है,
अगर उत्तर प्रदेश के बात करें तो 75 जिले हैं ,97,941 गांव हैं , 58,194 ग्राम पंचायतें, 826 ब्लॉक प्रमुख, लेकिन फिर भी विकास के लिए लोग सीएम योगी से अपनी अर्जी लगा रहे हैं ,
लेकिन जैसे आपके हाथों में उंगली एक जैसे नहीं हैं वैसे ही सारे प्रधान एक जैसे नहीं हैं कई प्रधान, यूपी में में नया मॉडल लाते हैं, लेकिन जो प्रधान सिस्टम पर बोझ है, अब उनको शायद ही कोई बचा पाएगा डीएम को साफ आदेश मिला है, प्रधानों पे नजर बनाएं सिस्टम पारदर्शी बनाएं, सीडीओ यानी चीफ डेवलपमेंट ऑफिसर पर डीएम का दबाव है,
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प्रधानों से बात करें योगी सरकार का सख्त आदेश है मनरेगा ,प्रधानमंत्री आवास, में पारदर्शिता दिखाई जाए, हर घर जल हर घर नल योजना में भी नीचे लेवल तक काफी धांधली होने की खबर है, सरकार को खबर मिली है कि ज्यादातर प्रधान सपा नेताओं के इशारे पर चलते हैं, जिला पंचायत सदस्यों का भी अकाउंट खंगालने का आदेश भी डीएम कभी भी दे सकते ,
सीएम राज्य के मुखिया होते हैं लेकिन प्रधान खुद को सरकार समझते हैं, प्रधान को छोटी सरकार कहा जाता है ,बड़ी सरकार, छोटी सरकार से परेशान है ,योगी सरकार ईमानदार और अच्छे प्रधानों को इनाम देने का प्लान भी तैयार कर रही है, लेकिन जो बेईमान और भूमाफिया हैं ,उनके साथ क्या होगा यह बताने की जरूरत नहीं ,
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योगी सरकार का बुलडोजर ग्रामीण अंचल में दौड़ेगा ,वो भी हवा में बात करने वाला हैं ,जिसे रोकना नामुकिन हो जाएगा ,प्रधानों के सह पर उनके चाहते लोगों ने सरकारी जमीन पर कब्जा किया हुआ हैं ,तो सरकार का प्लान है, सबसे पहले सरकारी जमीन खाली करवाई जाए, और अब सरकार जमीन खाली करवाने का दबाव प्रधानों पर ही डालेगी ,अगर नहीं खाली होती है तो फिर योगी का एक्शन होगा,
योगी सरकार के आदेश पर बहुत जल्द पंचायती राज विभाग, प्रधानों के कार्यकाल में आवंटित और आहरित धनराशि की जांच करवाएगी, इस दौरान कमी मिलने पर प्रधानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी,सवाल ये होगा की गांव के विकास के लिए बाटी गई राशि कहां खर्च हुई,
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सूत्रों के हवाले से सरकार के पास ये भी डेटा पहुंचा हैं सेक्ट्री और प्रधान की मिली भगत से गांव के प्रधान जमकर पैसा निकाल रहे हैं ,लेकिन विकास के नाम पर दिखावा हो रहा हैं ,सारा का सारा पैसा अपने एसओ आराम में खर्च हो रह हैं ,इसकी बहुत जल्द जांच होने वाली हैं ,और बुलडोजर अब शहर से हटकर गांव में पहुंचने वाल हैं ,
माना ये भी जा रहा हैं 2024 लोकसभा चुनाव में ,कि ग्राम प्रधानों ने भारी संख्या में बीजेपी के खिलाफ काम किया था, जिसका चलते बीजपी की सीटें कम आयी ,ग्राम प्रधानों ने आम लोगों को बूथ पर जाने का इंतजाम नहीं करवाया था जिससे वोटिंग घटी, और अब सरकार का प्लान बहुत जल्द दूध का दूध पानी का पानी होने वाला हैं ,वो दिन दूर नहीं
जब गांव में ऑपरेशन प्रधान चालु होगा ,जिसका जबा सिर्फ और सिर्फ जनता से लिया जाएगा ,विकास हुआ ,या जमकर दलाली हुयी ,पाई पाई का हिसाब देना होगा ,
आप चाहते हो इस वीडियो के माध्यम से आपकी आवाज सरकार तक पहुंचे ,तो वीडियो को शेयर करें ,और कमेंट दें जिससे सरकार को गांव का विकास दिखे ,परेशान जनता की आवाज दिखे ,क्यों सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री अभी कुम्भकर्ण की नींद सोये हुए हैं

















