जनपद हापुड़ में निकाय चुनावों में कांग्रेस पार्टी के मुख्य कार्यालय पर नाबालिक बच्चों से मजदूरी कराने का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें साफ तौर पर देखा जा सकता है कि नगर पालिका अध्यक्ष पद पर कांग्रेस पार्टी का पैराशूट प्रत्याशी जीत के बाद नगर पालिका क्षेत्र का विकास कैसे कर पाएगा जबकि अपने ही कार्यालय पर नाबालिक बच्चों से मात्र ₹400 दिहाड़ी पर झंडा बनवाने का काम करवा रहा है यह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं तो और क्या है क्या देश की सबसे बड़ी पार्टी कहीं जाने वाली कांग्रेस पार्टी से प्रत्याशी को यह भी नहीं पता के बाल श्रम करवाना कानूनन अपराध है केवल 15 दिन चलने वाले निकाय चुनाव में प्रत्याशी ने नाबालिक बच्चों को दिहाड़ी मजदूर बना कर रख दिया है तो 5 साल तक नगरपालिका अध्यक्ष पद पर रहकर वह क्षेत्र को किस ग्रंथ में पहुंचा सकता है इसका अंदाजा आप स्वता ही लगा सकते हैं ऐसा भी नहीं की प्रत्याशी को नियम कायदों की जानकारी नहीं है या के प्रत्याशी निरक्षर है गौरतलब है कि कांग्रेस सीट पर नगर पालिका अध्यक्ष पद पर प्रत्याशी के पिता का अपना एक सफल राजनीतिक इतिहास रहा है एवं वह नगर पालिका अध्यक्ष एवं विधायक पद पर रहते हुए क्षेत्र मैं विकास की गंगा बहा चुके हैं ठीक इसके विपरीत निकाय चुनावों में कांग्रेश प्रत्याशी कि यह कार्यशैली यह दर्शाती है की जीत के बाद प्रत्याशी की कार्य क्षमता एवं क्षेत्र के लिए उनकी क्या सोच रखने वाली है देश का भविष्य कहे जाने वाले नाबालिक बच्चों को साक्षर बनाने की बजाय थोड़े पैसे का लालच देकर मजदूरी की गर्त में झोंक देना उनकी छोटी सोच को दर्शाता है अब क्षेत्र की जनता को ही तय करना है की नाबालिक बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले प्रत्याशी को जनता अपने मतदान के माध्यम से क्या संदेश देना चाहेगी अब देखना यह है की वीडियो वायरल होने के बाद शासन प्रशासन प्रत्याशी पर क्या कार्यवाही करता है?















