मैनपुरी-31 जनवरी 2026
जनगणना-2027 का कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है,इसलिए सभी अधिकारी निर्धारित समय-सारणी के अनुसार समस्त तैयारियां समय रहते पूर्ण कराएं।
उन्होंने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की संख्या ज्ञात करने की प्रक्रिया नहीं है,बल्कि यह शासन-प्रशासन की सामाजिक,आर्थिक एवं विकासात्मक योजनाओं का आधार होती है।
जनगणना के आंकड़े गांव, वार्ड,नगर एवं शहर स्तर पर एकमात्र आधिकारिक स्रोत होते हैं,जिनके आधार पर शिक्षा,स्वास्थ्य,आवास, पेयजल,सड़क,रोजगार, सामाजिक सुरक्षा,शहरी एवं ग्रामीण विकास की योजनाएं बनाई जाती हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना-2027 देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी,जिसमें मोबाइल एप्लीकेशन, सीएमएमएस पोर्टल, एचएलबी क्रिएटर वेब मैप एवं स्व-गणना पोर्टल का उपयोग किया जाएगा।
जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी,जिसमें प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना 22 मई से 20 जून 2026 तक की जाएगी,इस दौरान मकानों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाएं,पेयजल, बिजली,शौचालय,इंटरनेट एवं घरेलू संपत्तियों से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी।
द्वितीय चरण में फरवरी 2027 में जनसंख्या की गणना कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि जनपद की अनुमानित जनसंख्या लगभग 23 लाख है।
जनगणना कार्य के लिए व्यापक प्रशासनिक ढांचा तैयार किया जा रहा है, जिसमें 02 मास्टर ट्रेनर, 64 फील्ड ट्रेनर,3741 प्रगणक एवं 623 सुपरवाइजर तैनात किए जाएंगे।
तहसील स्तर पर तहसीलदार एवं शहरी क्षेत्रों में संबंधित अधिशासी अधिकारियों को चार्ज अधिकारी नामित किया गया है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रगणक एवं सुपरवाइजरों का चयन अत्यंत सावधानी से किया जाए,मोबाइल संचालन में दक्ष,क्षेत्रीय कार्य में सक्षम एवं सेवा निवृत्ति से दूर कर्मचारियों को ही इस कार्य में लगाया जाए।
गंभीर बीमारी से पीड़ित, मातृत्व अवकाश पर रहने वाले अथवा सेवानिवृत्ति के निकट कर्मचारियों को जनगणना कार्य में न लगाया जाए।
बैठक में जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मयंक शर्मा,जिला बेसिक शिक्षाधिकारी दीपिका गुप्ता सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक का संचालन नाजिर रोहित दुबे ने किया।
रिपोर्ट-अजय कुमार
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