करहल/मैनपुरी
पुलिस की ‘तीसरी आंख’में तिनका,कैसे लगेगा अपराधों पर अंकुश…?
करहल में लगातार हो रहे अपराधों पर नजर रखने वाली कानून पुलिस की तीसरी आंख यानी ‘CCTV’ कैमरे की निगरानी को ही नजर लग गई है!
पुलिस को क्राइम की जांच करते समय अक्सर निजी संस्थानों और मकानों के बाहर लगे सीसीटीवी की मदद लेनी पड़ रही है!
पुलिस प्रशासन की “तीसरी आँख” से तात्पर्य है CCTV कैमरे,जो अपराधों को रोकने और अपराधियों की पहचान करने में मदद करते हैं,जिससे कानून व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकता है….
पुलिस प्रशासन की ‘तीसरी आंख’ कहे जाने वाले सीसीटीवी कैमरे इन दिनों मरम्मत के अभाव में खराब पड़े हुए है!
इन कैमरों के खराब होने से शहर में हो रहे अपराधों पर नकेल कसने में पुलिस पूरी ताकत से काम नहीं कर पा रही है.
करहल के अधिकांश बंद हुई पुलिस की ‘तीसरी आंख’,अपराधियों के होसले बुलंद हिस्सों में लगे सीसीटीवी कैमरे सही ढंग से रख रखाव न होने के चलते बेकार पड़े है !
जिससे अब बेखौफ अपराधी कहीं भी वारदात को अंजाम देकर फरार होने में कामयाब होते दिखाई दे रहे है!
लेकिन बावजूद इसके पुलिस के आला अधिकारी अपने सीसीटीवी को ठीक करवाने या नए सीसीटीवी को लगवाने के लिए गंभीर नहीं हैं।