भारत की सांसद
अमरीका की खुफिया एजेंसी CIA
भारत के पहले प्र्धानमंती जवाहर लाल नेहरू
अमरिकी राष्ट्रपति की पत्नी जोनफ़ केनिडी
विदेश नीति
प्रधानमंत्री मोदी
और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी
इतने सारे आरोप एक साथ लगे, तो राजनीती धमाल और धमाका होना ही हैं
क्यों हुआ,क्या हुआ,कैसे हुआ,ये सब कैसे एक साथ आये,
देखते हैं
कल प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में अभिभाषण पर जबाब देते हुए,विपक्ष पर जमकर निशाना साधा, राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए उन्होंने विदेश नीति को लेकर टिप्पणी की, और पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के कार्यकाल का जिक्र किया. और ये सब गोला बारूद आया एक किताब से ,
भारत के पहले प्रधानमंत्री होने के ही साथ-साथ पंडित नेहरू विदेश मंत्री भी थे, पीएम ने एक किताब (JFK’S FORGOTTEN CRISIS) का जिक्र करते हुए कहा कि ‘इस किताब को पढ़कर जानना चाहिए ,कि विदेश नीति के नाम पर क्या खेल हो रहा था.’ जिसे लिखा हैं CIA के पूर्व एजेंट ब्रूस रिडल ने
इस किताब में जिक्र हे तमाम चीजों का ,लेकिन निशाने पर जवारहलाल नेहरू, और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ,पहले सुनते हैं क्या कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने
बाइट : पीएम मोदी
ये किताब एक प्रसिद्ध फॉरेन पॉलिसी स्कॉलर ने लिखी है. इसमें अहम घटनाओं का जिक्र है. इस किताब में भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू और अमेरिका के तब के राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी के बीच हुई चर्चा का विस्तार से वर्णन है. जब देश ढेर सारी चुनौतियों का सामना कर रहा था तब विदेश नीति के नाम पर क्या खेल हो उस किताब के माध्यम से सामने आ रहा है.’ इस किताब के लेखक, ब्रूस रीडेल हैं.
ब्रूश रीडेल ने इस किताब में 1962 साइनों इंडियन वॉर “यानी भारत से चीन युद्ध और नेहरू के पत्राचार का भी जिक्र हैं,जिसमें वो अमरीकी राष्ट्रपति जोनिफि केनीडी से भारत को फाइटर जेट्स देकर मदद की गुहार करते हैं,उस समय चीन के हमले के चलते,
लेकिन किताब को अच्छे ढंग से रिसर्च करें तो बड़ा मामला भी सामने आता हैं
किताब में नेहरू और उनकी कूटनीति और विदेश नीति का ब्योरा हैं,उस समय देश बहुत बड़ी समस्या में था,
लेकिन इस किताब के कुछ पन्ने अलग ही गवाही देते हैं ,
ये किताब चीन भारत युद्ध के आलावा कई ऐसे खाका खींचती हैं,जो कांग्रेस की नींद हराम करने वाली हैं
हालिक पीएम मोदी ने लोक सभा में इस बिषया का कोई जिक्र नहीं किया,लेकिन किताब का नाम उगाजर करके,कांग्रेस के लिये नई मुसीबत खड़ी कर दी हैं,
देरशाल किताब में एक जगह दावा है कि पीएम नेहरू जॉन एफ कैनेडी के बजाय उनकी पत्नी में अधिक दिलचस्पी ले रहे थे. पंडिन नेहरू अमेरिका गए थे तब पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी को ऐसा महसूस हुआ था कि प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू उनसे बात करने के बजाय जैकी कैनेडी (जेएफके की पत्नी) में अधिक दिलचस्पी ले रहे थे.
लेकिन जब वह भारत पहुंचीं, तो नेहरू ने जोर देकर कहा कि वह प्रधानमंत्री निवास के एक विशेष गेस्ट सूट में ठहरें
एंट्री गेट पर थी जैकी की तस्वीर’
इसी तरह किताब में दर्ज एक और प्रसंग में जिक्र है कि, नेहरू, जो जैकी कैनेडी के प्रति बेहद आकर्षित थे, अपने घर के मुख्यप्रवेश द्वार पर सिर्फ एक तस्वीर सजाकर रखते थे, जिसमें वे जैकी के साथ टहल रहे थे. एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, नेहरू को जैकी से भी अधिक रुचि जेएफके की 27 वर्षीय बहन पैट केनेडी में थी, जो बेहद आकर्षक मानी जाती थीं.
नेहरू के ऐसे कारनामे इस किताब के सहारे उजागर हैं कभी भारत की जनता ने सुने ही नहीं होगें- यानी 1962 में जैकी कैनेडी और उनकी बहन जब भारत आईं तब,नेहरू ने मेजबानी की भूमिका निभाई और फर्स्ट लेडी उनके घर पर रुकीं,
इस बारे में पूर्व अमेरिकी राजदूत गैल्ब्रेथ ने भी लिखा है कि,भारत के प्रधानंत्री के साथ होली भी मनाई और एक दूसरे के माथे पर तिलक भी लगाया था
प्रधानमंत्री ने भले ही साफ़ साफ ना कहा हो. लेकिन कांग्रेस और राहुल गांधी को तो आईना दिखा ही दिया हैं
इससे राजनीती बबल होना तय माना जा रहा हैं
इससे कांग्रेस को कितना नुकसान होगा ,या बीजेपी को क्या फायदा होगा ये जनता तय करेगी
लेकिन किताब के लेखक ब्रूस रिडल की किताब में चार चाँद लग गए हैं
पीएम मोदी ने लोकसभा में जिक्र किया हैं