करहल/मैनपुरी
सैंटाक्लॉज बने बच्चों ने तहसील परिसर में पहुंचकर उपहार वितरण किया।…
करहल संत विवेकानंद सीनियर सेकेंडरी स्कूल में क्रिसमस दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम ने समाज में दया, उदारता और प्रेम का संदेश फैलाया।
विद्यालय के बच्चों ने सैंटाक्लॉज का रूप धारण कर तहसील परिसर में उपजिलाधिकारी नीरज द्विवेदी और नायब तहसीलदार संतोष कुमार राजौरिया को उपहार भेंट किए।
तहसील में उपस्थित वकीलों और अन्य लोगों को भी बच्चों ने उपहार देकर आनंदित किया।
उपजिलाधिकारी ने बच्चों को दिया प्रेरणा संदेश उपजिलाधिकारी नीरज द्विवेदी ने बच्चों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा,“आप सभी ने जो संदेश दिया है,वह समाज के लिए प्रेरणादायक है। यदि बच्चे अपने माता-पिता और शिक्षकों की बात मानते हैं,तो वे भविष्य में सैंटाक्लॉज जैसे उदार और दयालु बन सकते हैं। ऐसे बच्चे ही समाज में परिवर्तन लाते हैं।” उन्होंने बच्चों को चॉकलेट और उपहार देकर प्रोत्साहित किया।
नायब तहसीलदार संतोष कुमार राजौरिया ने कहा,“इस प्रकार के आयोजन बच्चों को सामाजिक मूल्यों की शिक्षा देते हैं। इनकी भूमिका केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में आपसी सहयोग और सद्भावना का संदेश भी देती है।”
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय परिसर में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई। बच्चों ने प्रभु ईशा मसीह और संत निकोलस के जीवन पर आधारित नाटक,गीत और नृत्य प्रस्तुत किए। इसके बाद सैंटाक्लॉज बने बच्चों ने तहसील परिसर में पहुंचकर उपहार वितरण किया।
विद्यालय के निदेशक ने दिया प्रेरक संदेश
विद्यालय के निदेशक डॉ.जे.पी.यादव ने संत निकोलस और प्रभु ईशा मसीह के जीवन और संदेशों पर प्रकाश डालते हुए कहा,”संत निकोलस,जिन्हें सैंटाक्लॉज के रूप में जाना जाता है,चौथी शताब्दी के महान धर्मगुरु और उदार व्यक्ति थे। उन्होंने अपने जीवन से समाज को परोपकार और सेवा का संदेश दिया। प्रभु ईशा मसीह के उपदेश आज भी मानवता के लिए प्रेरणास्रोत हैं।”
शिक्षकों और प्रबंधन की भूमिका सराहनीय
कार्यक्रम में विद्यालय की प्रबंधक सरिता सिंह,शिक्षक सुधीर यादव, सोनी,निशा,खुशबू,हिना,दीक्षा, पूनम,अर्चना,सुरभि,प्रियंका, नगमा,संकेत,अलशिफा, मुस्कान, रिया,मान्यता,श्वेता, गुड़िया,अंशुल,विजयवीर,सिंटू सहितअन्य स्टाफ ने आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
यह आयोजन बच्चों के लिए न केवल मनोरंजक रहा,बल्कि सीखने और समाज में प्रेम, दया और उदारता का संदेश फैलाने का एक अनूठा अवसर भी बना।
खबर एक्सपर्ट
रिपोर्ट-अजय कुमार
मैनपुरी















