यूपी में विधायक का ‘ड्रामेटिक’ सरेंडर
खींचातानी में टूटी चप्पले, नंगे पैर पहुंचे कोर्ट
पत्नी चल रही फरार और जेल में है बेटा
आखिर क्या है मामला?
भदोही के सपा विधायक जाहिद बेग ने गुरुवार को अचानक CJM कोर्ट में सरेंडर कर दिया। 60 साल के विधायक चुपके से कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचे थे लेकिन वहां पुलिस भी पहुंच गई, लेकिन पुलिस ने उन्हें गेट पर ही पकड़ लिया।
खींचतान हुई। इस दौरान खींचतान में विधायक दो बार गिर पड़े और उनकी चप्पल भी टूट गई। किसी तरह से उन्होंने खुद को छुड़ाया और नंगे पैर भागते हुए जज के सामने पहुंचकर सरेंडर किया। जेल जाते वक्त जाहिद बेग ने कहा, “मुझे खींचा गया, मेरे साथ बदसलूकी की गई। मैं न गुंडा हूं, न बदमाश। मेरे साथ ऐसा क्यों किया जा रहा है, मुझे नहीं पता।” उनके साथ सपा जिलाध्यक्ष भी थे, जिन्होंने इस घटनाक्रम पर अपनी चिंता जताई।
जाहिद बेग परिवार के साथ 10 सितंबर से फरार थे, पुलिस उनकी तलाश कर रही थी. बुधवार को जाहिद बेग के बेटे जईम बेग को पुलिस ने जेल भेजा था. इसके बाद से विधायक पर दबाव बढ़ गया था. अभी भी उनकी पत्नी सीमा बेग फरार हैं.
भदोही शहर में जाहिद बेग का घर मालिकाना मोहल्ले में है. 9 सितंबर को 17 साल की नाजिया ने फांसी लगा ली थी. वह विधायक के यहां काम करती थी. जब नाबालिग नौकरानी नाजिया ने आत्महत्या कर ली। विधायक ने पुलिस को इस घटना की सूचना दी थी। पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला था. विधायक ने उस वक्त कहा था- नाजिया के साथ काम करने वाली दूसरी युवती ने स्टोर रूम के पास जाकर उसे आवाज दी. दरवाजा खोलने को कहा। जब दरवाजा नहीं खुला, तो उसने इसकी सूचना मुझे दी. इस मामले में दो FIR दर्ज हुई है. पहली श्रम विभाग और बाल कल्याण ने दर्ज कराई है. इसमें नाबालिग से घर में काम करने का मामला है. इसमें जाहिद बेग के साथ ही उनकी पत्नी को भी नामजद किया गया है. दूसरी भदोही पुलिस ने जांच के बाद की है
विधायक आवास पर किशोरी के आत्महत्या किये जाने के बाद से ही पुलिस का निशाना लगातार विधायक व उनके परिवार पर बढ़ता जा रहा था। पुलिस ने पहले विधायक व उनकी पत्नी सीमा बेग पर बाल श्रम, बंधुआ मजदूरी और आत्महत्या के लिए युवती को उकसाने का मुकदमा दर्ज किया है।
इस मामले में दो FIR दर्ज की गई हैं। पहली FIR श्रम विभाग और बाल कल्याण ने दर्ज की है, जिसमें नाबालिग से काम कराने का मामला है। इसमें विधायक के साथ उनकी पत्नी का भी नाम शामिल किया गया है। दूसरी FIR भदोही पुलिस ने की है, जो इस घटना की जांच कर रही है। 10 सितंबर को जब पुलिस ने विधायक के आवास पर छापेमारी की, तो विधायक, उनकी पत्नी सीमा, और बेटा जईम फरार हो गए। इस छापेमारी के दौरान एक अन्य नाबालिग को मुक्त किया गया, जिसने बताया कि उसे और अन्य युवतियों को विधायक के घर में काम करते समय मारपीट का सामना करना पड़ता था।
नाजिया के पिता इमरान ने बताया- उनकी बेटी पिछले 9 साल से बेग परिवार के यहां काम कर रही थी और उसे हर महीने 1,000 रुपए मिलते थे, जिसे उसकी मां नूरजहां लेकर आती थी.
गुरुवार को सपा कार्यकर्ता डीएम ऑफिस पहुंचे और आरोप लगाया कि जाहिद बेग के खिलाफ जानबूझकर पुलिस कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने इस प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए कलेक्ट्रेट में बड़ी संख्या में बल तैनात किया। विधायक ने अपने जिला अध्यक्ष के साथ कोर्ट में सरेंडर करने का निर्णय लिया। जैसे ही विधायक गाड़ी से उतरे, उनके कोर्ट में सरेंडर की खबर फैल गई, और बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता और पुलिस वहां पहुंच गयी। विधायक को पकड़ने के प्रयास में फिर से खींचतान हुई। इसके बाद, वे मजिस्ट्रेट के कमरे में जाकर खुद को सरेंडर कर दिए। आगे इस मामले का क्या विकास होगा, यह देखना दिलचस्प होगा, और क्या सच में न्याय का मार्ग प्रशस्त होगा।
विधायक के वकील तेज बहादुर यादव ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कोर्ट गेट पर सरेंडर के दौरान पुलिस का व्यवहार न्यायसंगत नहीं था। यादव ने बताया कि विधायक की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए पुलिस को अधिक सतर्क रहना चाहिए था। उन्होंने इस मामले की शिकायत मानवाधिकार आयोग और चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया से करने का आश्वासन दिया। दरअसल उनके वकील का कहना था कि कोर्ट गेट पर सरेंडर के दौरान भी पुलिस खींचतान कर रही थी। MLA के हल ही में हार्ट की बायपास सर्जरी हुई है। जिसके बाद उन्होंने कहा कि वह इसकी शिकायत मानवाधिकार आयोग और चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया से करेंगे।
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