योगी सरकार का भरस्टचार मुक्त उत्तर प्रदेश का वादा,कैसे होगा पूरा
2 महीने,10 से अधिक छापे मार कार्यवाही,और 50 से अधिक कर्मचारीयों जेल
अयोध्या,गाजीपुर,बलिया,बरेली,प्रयागराज,मुर्दाबाद,हापुड़,पर दर्जन भर कार्यवाही
योगी बोले नहीं सुधरें, तो चलाओ बुल्डोजर,बनाओं भरस्टचार मुक्त उत्तर प्रदेश
क्या आप उत्तर प्रदेश में हो, और सरकारी अधिकारी कर्मचारी हो ,तो हो जाएये सावधान,अब बुलडोजर सिर्फ दंगाइयों पर ही नहीं चलेगा ,बलिक भर्स्ट अधिकारीयों पर भी दौड़ेगा,और वो भी 100 की स्पीड से। क्योकिं बहुत हुआ भरस्टचार,
आज खबर एक्सपर्ट पर देखिये दो महीने में सीएम योगी की बिजलेंस टीम,बड़ी कार्यवाही है,जिसने हिला सरकारी सिस्टम ,
1 .दो महीने में पहली बड़ी कार्यवाही :6 सितम्बर,दिन शुक्रवार,अयोध्या में भर्स्ट सहायक लेखाकार अमरेंद्र प्रताप सिंह,रिश्वत लेते हुए घसीटा
सबसे पहले आप देखिये जो वीडियो वायरल हो रहे हैं ,वो शिक्षा विभाग के भर्स्ट सहायक लेखाकार अमरेंद्र प्रताप सिंह हैं जो विजिलेंस की टीम ने एक लाख रूपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया हैं
ये खबर प्रभु श्री राम की जन्मभूमि अयोध्या से जुड़ी हुई है, जहां पर शिक्षा विभाग से जुड़ा मामला हैं ,एक अकाउंटेंट को जीपीएफ से पैसे निकलवाने के लिए घूस मांगना महंगा पड़ गया, मौके पर पहुंची विजलेंस टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ा गया है ,जब वो एक लाख रुपए का रिश्वत ले रहा था
आप देख सकते हो ,इस रिपोर्ट में गर्दन जकड़ा हुआ है, हाथ पकड़ा हुआ है, और हाथ में है 5500 की दो गड्डियां, यह है शिक्षा विभाग के सरकारी बाबू ,जो खुद कानून के हत्थे चढ़ गए हैं, वो भी रंगे हाथ ,फिर क्या चेहरी की हवाइयां उड़ गई, क्योंकि कानून के चंगुल में जो फस गए हैं, देखिए कैसे इसको तीन लोगों ने पकड़ रखा है, एक ने पीछे से पकड़ा है, जबकि दो लोगों ने दोनों साइड से कस रखा है, जो पकड़े गए हैं, वह अयोध्या में नियुक्त सरकारी बाबू हैं, और जो लोग पकड़कर ले जा रहे, हैं वो कोई और नहीं बल्कि विजिलेंस की टीम के हैं,
चलिए अब आपको पूरी कहानी बताते हैं, तस्वीरों में आप जिस शख्स को पकड़कर ले जाते देख रहे हैं, वह है अमरेंद्र प्रताप सिंह जो अयोध्या में शिक्षा विभाग के दफ्तर में अकाउंटेंट के तौर पर काम कर रहे हैं, आरोप है कि उसने जीपीएफ का पैसा निकलवाने के लिए एक लाख की रिश्वत मांगी थी, और इसके हाथ में दिख रहे यह नोट उसी घुस खोरी कांड से जुड़े हैं, दरअसल आरोप है ,कि दिवंगत हेड मास्टर यानी यासमीन फातिमा के परिजन जब जीपीएफ का पैसा निकलवाने के लिए अकाउंटेंट के पास गए थे, तो उसने घुस की डिमांड रख दी जिसके बाद पीड़ित पक्ष ने विजिलेंस में रिपोर्ट की,
अपने देखा हैं सीएम योगी गुण्डे मवालियों के साथ, जिस तरह से पेश आ रहे हैं उसका उदाहरण बोलडजर से देखा जा सकता हैं,वहीं दुसरी तरफ अब भ्रस्ट सरकारी कर्मचारियों पर भी गाज गिरने शुरू हो चुकी हैं
आज हम आपको बताते हैं कुछ ऐसे बड़ी 5 बड़ी कार्यवाही जिसने सरकारी कर्मचारियों को हिला दिया और रंगे हाथ पकड़े जाने पर जेल भी गए ,और कुछ तो दीवाल फ्लॉग कर रफू चक्क्रर होना पड़ा
2.दुसरी बड़ी कारवाही : दिन शुक्रवार तारीख : 28 जून 2024 जिला गाजीपुर ,देखने को मिला
उत्तर प्रदेश का गाजीपुर हमेसा से सुर्खोयो में रहने वाला स्थान, 90 के दशक में आतंक का पर्याय रहा स्थान गाजीपुर,
सीएम योगी एक्टिव हुए, गुण्डे मवालियों को पुलिस ने उनके स्थान पर पहुंचाया ,भर्स्ट अधिकरियों पर नकेल कसना शुरू हुई,
सबसे पहले गाज गिरी राजस्व विभाग जो भ्रष्टाचार के खेल में अंधा हो रखा था ,सात माह में एंटी करप्शन टीम ने पांच रिश्वतखोरों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया,। इसमें तीन लेखपाल शामिल थे , वहीं एक दरोगा, और स्वास्थ्य विभाग के एक लिपिक, पर भी घूस लेने पर कार्रवाई हो चुकी है, कोई पांच हजार रुपये, तो कोई 40 हजार की लालच में जेल में है,बावजूद काम के लिए सुविधाशुल्क लेने की प्रवृत्ति रुक नहीं रही है,
भर्स्ट अधिकारीयों में भी मात्र
पीड़ितों ने बताया कि भ्रष्टाचार व रिश्वतखोरी का खेल इस कदर है कि हर बात व कदम पर पैसा देना पड़ता है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि उच्चाधिकारियों से शिकायत करने की स्थिति में जांच कर कार्रवाई का आश्वासन मिलता है, जबकि एंटी करप्शन टीम तो कम से कम ऐसे रिश्वतखोरों को तत्काल मौके से गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजती है।
3.तीसरी बड़ी कारवाही :तारीख 26 जुलाई 2024,थाना क्षेत्र में बिलिया ,पूरा थाना सस्पेंड, दौड़ा बुलडोजर भागा दरोगा ,
आपने ये देखा
उत्तर प्रदेश स्थित बलिया में अवैध वसूली में संलिप्त पुलिसकर्मियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है. एडीजी वाराणसी और डीआईजी आजमगढ़ की संयुक्त टीमों ने छापामार कर बलिया के थाना नरही अंतर्गत भरौली तिराहा पर अवैध वसूली के संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है. मामले में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता की उजागर हुई है. तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित थानाध्यक्ष नरही और चौकी प्रभारी कोरंटाडीह सहित 3 उपनिरीक्षक, 3 मुख्य आरक्षी, 10 आरक्षी और 1 आरक्षी चालक को निलम्बित किया गया है. छापेमारी के दौरान 3 पुलिसकर्मी भाग गए, जबकि 2 पुलिसकर्मी सहित 16 दलालों को गिरफ्तार किया गया है. निलंबित पुलिसकर्मियों के आवास को सील करते हुए सभी के विरुद्ध मुकदमा भी पंजीकृत किया गया है.
बताया जाता हैं की एक महीने करोड़ों की कार्यवाही होती हैं ,लेकिन एक अधिकारी ने ड्राइवर बनाकर ,कर दिया था फ़र्दा फास,
4.चौथी बड़ी कारवाही ,तारिख 22 अगस्त ,नोटों के विस्तर पर सोता था,दरोगा,योगी के सिंघम ssp अनुराग आर्य ने धार दबोचा ,
उत्तर प्रदेश के बरेली में फरीदपुर थाने में तैनात पुलिस इंस्पेक्टर रामसेवक पर स्मैक तस्करों को रिश्वत लेकर छोड़ने के गंभीर आरोप लगे थे ,एसएससी अनुराग आर्य को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने एसपी साउथ से इंस्पेक्टर के आवास पर छापा पाड़वाया तो उसके बेड पर 9 लाख 96 हजार रुपये नगद मिले. इंस्पेक्टर को जैसे ही इस बात की जानकारी हुई तो वो थाने की दीवार फांदकर फरार हो गया. एसएसपी अनुराग आर्य की इस कार्रवाई से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया
5 .पाचंवी बड़ी कारवाही ,तारीख 30 अगस्त,स्थान प्रयागराज,थाना प्रभारी पर गिरी गाज
सिविल लाइंस चौकी प्रभारी अभय कुमार का घूस लेते वीडियो इंटरनेट मीडिया पर शुक्रवार सुबह प्रसारित हुआ। वीडियो देखते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई। अधिकारियों ने इसकी जानकारी ली और फिर पुलिस आयुक्त तरुण गाबा ने चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया। मामले में जांच के भी आदेश दिए गए हैं।
शुक्रवार सुबह इंटरनेट मीडिया पर सिविल लाइंस चौकी प्रभारी अभय कुमार का एक वीडियो प्रसारित होने लगा। इसमें वह चौकी में कुछ लोगों से बातचीत कर रहे हैं। चौकी प्रभारी किसी मामले में रुपये के लेन-देन की बात कर रहे हैं। इसी बातचीत के दौरान एक व्यक्ति द्वारा उनको एक कागज पकड़ाया जाता है। इसी कागज के माध्यम से उनको रुपये भी दिए जाते हैं।
फिर पुलिस आयुक्त चौकी प्रभारी को निलबित कर देते हैं
6 .छटवीं बड़ी कारवाही , तारीख 31 अगस्त, दिन शनिवार, योगी के बिजलेंस अधिकारी फिर एक्टिव होते हैं ,भर्स्ट एसडीएम के स्टोनों को रंगे हाथ पकड़ा
बिजलेस टीम की बड़ी कार्यवाही 31 अगस्त को मुरादाबाद में देखने को मिले, मुरादाबाद में विजिलेंस टीम ने ठाकुर द्वारा तहसील की एसडीएम मनी अरोड़ा के स्टेनो सचिन कुमार शर्मा को पचास हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. टीम ने उसे पूछताछ के लिए ठाकुरद्वारा थाने ले गई है, जहां उसके खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है. स्टेनो को उसके कार्यालय से ही गिरफ्तार किया गया है. घूसखोरी का ये पूरा खेल एसडीएम की नाक तले चल रहा था.,
लेकिन कहीं ना कहीं सवाल ये ,इस घूस काण्ड में सिर्फ स्टोनों ही नहीं सलिंप्त था ,बल्कि अधिकारी भी अपनी, गठरी भरने का काम कर रहे होंगे, लेकिन जब गाज गिरती हैं तो फंसते छोटे कर्मचारी हैं
7.सातवीं बड़ी कार्यवाही :तारिख 7 सितम्बर,दिन शनिवार, बिजलेस टीम ने जेई को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया
हापुड़:- मेरठ से आई एंटी करप्शन की टीम ने हापुड़ नगरपालिका के जलकल विभाग के जेइ कुंवरपाल को 2 लाख 30 हज़ार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों किया गिरफ्तार
हापुड़ नगर पालिका परिषद में भ्रष्टाचार का जबरदस्त बोलबाला है। नगर पालिका में जलकल विभाग में तैनात एक जेई को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है जिससे नगर पालिका में हड़कंप मच गया। आरोपी जेई को टीम हिरासत में लेकर हापुड़ कोतवाली पहुंची और जांच शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार जे ई कुंवर पाल पर रिश्वत के आरोप लगे थे जिसके बाद विजिलेंस विभाग की टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया और उसे रंगे हाथ शनिवार को दबोच लिया। इसके बाद उसे हापुड़ कोतवाली ले गई। इस दौरान अफसर में हड़कंप मचा रहा।
8 .आठवीं बड़ी कार्यवाही:तारीख 25 अगस्त,दिन शनिवार,स्थान अम्बेडकरनगर ,लेखपाल घुस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
ये जो वीडियो देख रहे हैं वो कुश्ती नहीं चल रही, ये लेखपाल साहब दबोचे गए हैं… अम्बेडकरनगर में घूस लेते रंगे हाथों हुए गिरफ्तार,
उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर जिले में एक भ्रष्ट लेखपाल की गिरफ्तारी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। घूस लेने की शिकायत पर अयोध्या से आई एंटी करप्शन टीम ने जमीन की पैमाइश के नाम पर 10 हजार रुपये की घूस लेते लेखपाल को गिरफ्तार किया है। सादे कपड़ों में पहुंची पुलिस टीम ने लेखपाल को रंगे हाथों दबोच लिया।
दरहसाल सुलतानपुर के दोस्तपुर थाना क्षेत्र के सैदापुर निवासी संदीप कुमार यादव ने एसडीएम से शिकायत करते हुए कहा था कि गांव में बैनामे की जमीन पर कुछ लोग निर्माण नहीं कराने दे रहे हैं। वहीं लेखपाल भी घूस मांग रहा है। अपनी शिकायत में उन्होंने कहा कि खड़ाहरा गांव में बैनामे की जमीन की पैमाइश के लिए लेखपाल जितेंद्र वर्मा घूस मांग रहा है।
और फिर हुयी बड़ी कारवाही और नापे गए लेखपाल महाशय
9 .नो वीं बड़ी कार्यवाही : 10 अगस्त 2024,दिन शनिवार,रिश्वत में 5 किलो आलू लेने के चलते ,दरोगा निलंबित ,
कन्नौज। रिश्वत में पांच किलो आलू मांगने का आडियो प्रचलित होने पर निलंबित किए गए दारोगा रामकृपाल की हैरान कर देने वाले करतूत सामने आई है। निलंबित दारोगा रिश्वत वसूलने के लिए आलू और घी शब्द का प्रयोग कोडवर्ड के रूप में करता था।
फरियादियों से समझौता कराने के नाम पर वह मोबाइल फोन पर काल कर किलो के हिसाब से आलू और घी लेकर आने की बात कहता था। एक किलो आलू का मतलब एक हजार रुपये और एक किलो घी का मतलब 10 हजार रुपये रिश्वत से था।
10. दसवीं बड़ी कारवाही :तारिख 22 अगस्त, दिन गुरुवार,रिश्वत लेते लेखपाल को टांग लाई विजलेंस टीम
ये वाक्या ,उत्तर प्रदेश के महराजगंज का हैं ,जहां एक लेखपाल को घूस लेते गिरफ्तार किया गया है। विजिलेंस की टीम ने लेखपाल को 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा है। बताया गया कि लेखपाल रिपोर्ट लगाने के बदले 20 हजार रुपए मांग रहा था। काफी दिनों से इसकी शिकायत मिल रही थी। जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है।
सरकार,नौकरी और घुस का पुराना संबंध है। इसे तो लोग अपना अधिकार समझते हैं। इसके कई मामले सामने आए हैं। आपने भी कई बार अनुभव किया होगा। लेखपाल 20 हजार का घुस लेते रंगे हांथों पकड़ा गया। विजिलेंस की टीम ने घुस लेते हुए लेखपाल को रंगेहाथ दबोच लिया। लेखपाल ने काश्तकार का काम करने के लिए 20 हजार की रकम मांगे थे। पीड़ित ने इस बात की शिकायत कर दी। मौके पर पहुंची विजिलेंस विभाग की टीम को देख घुसखोर लेखपाल भागने का प्रयास किया। लेकिन सफल नहीं हुआ। टीम ने दौड़ाकर पकड़ लिया। इसमें महराजगंज के पुंरदरपुर थाने पर लाकर आरोपी के विरुद्ध अग्रिम कार्यवाही
लिहाजा योगी सरकार को इस भरस्टचार पर लगाम लगानी होगी तो ,उसके लिये उसके जड़ तक पहुंचना होगा,वैसे इस बुलडोजर के जमाने में लोगों का आरोप रहता हैं की बिना पैसे दीये कोई काम नहीं होता,
जनता परेशान हैं ,अधिकारी मस्त हैं, नेता पस्त हैं,
अब सवाल ये “अकेला चना,भाड़ नहीं फोड़ता” यानी सीएम योगी और अच्छे अधिकारी कैसे इस सिस्टम को सुधर पाएंगे ,
लेकिन इस भ्रस्टचार पर अंकुश लगाने के लिए ,पीड़ित व्यकित को ही जागरूक होना पड़ेगा,इसके खिलाफ खड़ा होना पड़ेगा,और इसी तरह से कारवाही करनी होगी
इस पर आपकी क्या प्रति क्रिया हैं :ऐसे अधिकारयों पर जो पूर्ण तह भ्रस्टचार में लिप्त हैं उन पर कार्यवाही करनी चाहिए या नहीं
इस बड़ी कारवाहियों से लगातार उत्तर प्रदेश को भर्स्ट अधिकारयों से बचाने की कोश्शि हैं,











