संबन्ध टूट रहे,परिवार विखर रहे हैं, इस नफरत की आग से क्या देश झुलसने से बच पायेगा ? मुझे तो असंभव लग रहा है।
उक्त विचार मानव कल्याण सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगरामाचार्य ने समिति द्वारा आयोजित ” आपसी संबन्धों में प्रगाढ़ता ” कार्यक्रम को सम्बोधित करते प्राचीन शिव मंदिर वैदपुर इटावा में व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि परिवार राष्ट्र की एक छोटी इकाई जरूर किन्तु बड़ी महत्व पूर्ण होती है। राष्ट्र परिवारों से मिल कर ही बनता है। परिवार जब दुखी व कुंठित होगें तो राष्ट्र कैसे सुखी, समद्ध व शक्तिशाली बनेगा।
हम देख रहे हैं कि पति पत्नी में कलह है। भाई भाई से झगड़ रहा, पिता पुत्र में अनवन है तो सास वहू में झगड़ा चल रहा। बड़े भाग्य से मिली जिंदगी को आज हम घुट घुट कर जी रहे हैं।
जैसे नकली करेंसी या आतंकवाद राष्ट्र को कमजोर करता उससे घातक है किसी देश की संस्कृति को खत्म कर देना। सोची समझी साजिश के तहत दूरदर्शन से सीरियलों के माध्यम से नफरत के बीज वोकर बसुधैव कुटुम्बकम् की संस्कृति को नष्ट किया जा रहा है।
मैं निवेदन करना चाहता हूं कि सभी शिक्षक वर्ग चाहे संत आचार्य या अध्यापक के रूप में हैं व चौथा स्तंभ मीडिया से, वह आगे आयें समाज में जागरूकता लाने के साथ साथ भारत को सुखी, समृद्ध व शक्तिशाली राष्ट्र बनाने में मानव कल्याण सेवा समिति का सहयोग प्रदान करें।
इस अवसर पर समिति द्वारा संत व गरीवों को वस्त्र वितरण किये गये
सिद्धार्थ नगर से पधारे समिति के राष्ट्रीय महासचिव प्रॉफेसर डॉ सत्य नाराण,अयोध्या से पधारे राम लल्लन तिवारी,राष्ट्रीय महासचिव सुभाष चंद्र, निर्मल गुप्ता, अखिलेश तिवारी मंदिर व्यवस्थापक आदि ने संबोधित किया!
खबर एक्सपर्ट
रिपोर्ट अजय कुमार















