मितौली खीरी | विकासखंड मितौली क्षेत्र की ग्राम पंचायत इनायत चीफ ग्रंट में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए जा रहे ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय
जिनमें घटिया सामग्री व पीला ईंट द्वारा कराया जा रहा निर्माण कार्य | कहने पर लाभार्थी के खाते में आने वाला पैसा स्वयं निकलवा लेते हैं ठेकेदार और प्रति शौचालय पर ₹2000 लेते हैं कमीशन |
इस पंचायत में पूर्व में और अभी ग्राम प्रधान का भाई बाबूराम द्वारा विकास के नाम पर जमकर धांधली बाजी की गई है | इस पंचायत में कार्य तो सिर्फ कागजी हुआ है | लेकिन जमीनी स्तर पर और ही कुछ इतना ही नहीं रामनगर गांव में नाली निर्माण में पूरा का पूरा पीला ईट द्वारा निर्माण कराया गया | अगर इसके सही से जांच हो जाए तो दूध का दूध पानी का पानी सामने आएगा | जबकि छोटे-छोटे ठेकेदारों के माध्यम से कराया जाता है कार्य और सरकार की मंशा के अनुरूप नहीं होता है विकास कार्य |
इतना ही नहीं इस पंचायत में स्ट्रीट लाइट,रिबोर,डस्टबिन,सार्वजनिक स्थानों पर पड़ने वाले सीमेंटेड कुर्सी सिर्फ अपने घरों पर डलवा लिए हैं ग्राम प्रधान का प्रतिनिधि भाई,जबकि जगह-जगह पंचायत के मुख्य चौराहा पर पडनें थे यह सीमेंटेड कुर्सी |
और मनरेगा में मानक के अनुसार नहीं कराया जा रहा कार्य जमकर की जा रही है धांधली
वहीं सूत्रों के मुताबिक अधिकारी व कर्मचारियों मिलीभगत से करा रहे हैं | कार्य और कह रहे हैं चाहे जो भी खबर चलाओ कुछ नहीं होता जब ऊपर होता है लेन-देन पंचायत में लाखों के ऊपर हुआ है घोटाला का गबन |















